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जानिए जीएसटी में पिछले करों के मुकाबले क्या है अंतर, आपको फायदा या नुकसान

नई दिल्ली। 1 जुलाई से जीएसटी लागू हो गया है। शुक्रवार मध्यरात्रि को संसद के सेंट्रल हॉट से राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की उपस्थिति में पीएम नरेन्द्र मोदी जीएसटी लॉन्च किया। ऐसे में चारों तरफ एक ही गूंज है कि आखिर जीएसटी के आने से क्या फर्क (GST Benefits) पड़ गया। हालांकि जीएसटी लागू होने के दौरान ही देश की जनता सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जीएसटी क्या है। यही नहीं बल्कि मौजूदा टैक्स प्रणाली और जीएसटी में क्या फर्क है।

GST benefits
GST benefits

 

वर्तमान समय में सामान एवं सर्विस पर केन्द्र एवं राज्य में अलग-अलग टैक्स लगता है जबकि जीएसटी में केन्द्र और राज्य सरकार के टैक्स को एक साथ मर्ज कर दिया गया है यानी जीएसटी लागू होने के बाद पूरे देश में एक सामान पर टैक्स की दर भी एक टैक्स लगेगा। वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स सब खत्म हो जाएंगे। अभी केन्द्र में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, काउंटरवेंलिंग ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम, सेवा कर एवं सामान व सेवाओं पर लगने वाले सेस व सरचार्ज लगते है। जबकि राज्य में वैट, लग्जरी टैक्स, मनोरंजन टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, लॉटरी, सट्टेबाजी एवं जुए आदि पर राज्य सरकार की ओर से लगने सेस एवं सरचार्ज लगते है।

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जहां एक तरफ यह चर्चा है कि जीएसटी के बाद ज्यादा टैक्स लगेगा वहीं गौर करने वाली बात यह है कि मौजूदा टैक्स प्रणाली में टैक्स पर टैक्स लगता है। अगर किसी उत्पाद की कोस्ट 100 रूपए है तो सीएसटी, एंट्री टैक्स, एक्साइज ड्यूटी, वैट, सर्विस टैक्स आदि मिलाकर 32 फीसदी टैक्स लगता है। जबकि जीएसटी में 28 फिसदी टैक्स लगेगा। यानी मौजूदा समय में कस्टमर्स को ज्यादा मार पड़ रही है। इसके पीछे खास वजह यह है कि मौजूदा समय में टैक्स पर टैक्स लगता है।

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यानी 100 रूपए के सामान पर एक्साइज ड्यूटी आदि लगते ही इसकी कीमत हो जाती है 112.50 रूपए। जब इस कीमत पर वैट लगता है तो वह मूल कीमत पर नहीं 112.50 पर लगता है। यानी कस्टमर्स को टैक्स पर टैक्स देना पड़ता है। जबकि जीएसटी आने के बाद इन सारे झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। अब सभी राज्यों में एक सामान की रेट भी एक होगी और टैक्स भी एक लगेगा। खैर, यह तो शनिवार को साफ होगा कि आखिरकार मौजूदा समय से क्या सस्ता होगा और क्या महंगा।

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About Dimpy Sharma

डिम्पी शर्मा को शुरू से ही मीडिया इंडस्ट्री में जाने का चाव था, हालांकि केवल शौकिया तौर पर। डिम्पी डॉक्टर बनना चाहती थी,लेकिन ऐसा वह कर नहीं पाई और उनका रूझान फिर से मीडिया की ओर हो गया। डिम्पी को लेखन के अलावा, मूवीज, क्रिकेट, डेकोरेशन, बुक रि​डिंग और शेरो—ओ—शायरी का शौक है। खाली समय में वह फेसबुक पर चैटिंग और व्हाट्सएप पर वीडियो देखना पसंद करती है।

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