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पुत्र जन्म के साथ इस राजघराने के 400 साल के श्राप का अंत, जानिए किसने दिया था ये श्राप

भारत में राजवंश परम्परा को समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है। लेकिन भारत में एक राजघराना ऐसा भी है जो अभी तक राजशाही परंपरा को निभा रहा है और यह राजघराना है मैसुर राजघराना। इन दिनो मैसुर राजघराने में उत्सव का माहौल है। इस राजघराने में हाल ही में एक नये मेहमान का जन्म हुआ है। मैसुर राजघराने के राजा यदुवीर वाडियार की पत्नी तूषिका सिंह ने एक पुत्र को जन्म दिया है। इस पुत्र के आगमन से मैसुर राजघराने में ऐसी खुशी का महौल है, जो यहां सदियों से नही देखी गई। माना जा रहा है कि यह खुशी एक श्राप (Mysore curse) का अंत लेकर आई है।

Mysore curse

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क्या है इतनी खुशी का कारण
इस पुत्र के जन्म पर इतनी अधिक खुशी मनाने का कारण यह है कि मैसुर के वाडियार राजघराने में 400 साल बाद ऐसा हो रहा है कि किसी रानी ने पुत्र को जन्म दिया है। या यु कहे कि सदियों बाद इस राजघराने का वारिस प्राकृतिक रुप से जन्मा पुत्र बनेगा। अब तक इस राजघराने में राजा रानी अपना वारिस गोद लेकर ही चुनते है। क्योकि इस राजघराने में कोई पुत्र ही पैदा नही हो रहा था। सभी राजा अपना वारिस किसी गोद लिए बच्चे को बनाते आ रहे है। यहां तक की खूद यदुवीर सिंह भी दत्तक पुत्र ही थे। बताया जाता है इस राजघराने को एक श्राप (Mysore curse)  दिया गया था। जिसके चलते इस राजघराने में लडके पैदा होने बंद हो गये थे।

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किसने और क्यो दिया श्राप
इतिहास के अनुसार यह श्राप (Mysore curse) इस राजघराने का 1612 से पीछा कर रहा है। 1612 में विजयनगर की महारानी अलमेलम्मा ने यह श्राप मैसुर खानदान को दिया था। बताया जाता है कि विजयनगर के पतन के बाद मैसुर के वाडियार राजा के आदेश पर विजयनगर की संपत्ति को लूटा गया। उस दौरान विजयनगर की महारानी अलमेलम्मा के पास काफी मात्रा में गहने थे। वाडियार राजा के आदेश पर दूतो को यह गहने लेने भेजा गया। पर रानी अलमेलम्मा के मना करने पर फौज भेज कर वह गहने लाये गये। इस बात से नाराज होकर अलमेलम्मा ने मैसुर राजघराने को यह श्राप दिया कि वाडियार राजवंश के राजा रानी की गौद हमेशा सुनी रहेगी। यह श्राप देने के बाद रानी अलमेलम्मा ने आत्महत्या कर ली थी। तभी से यह श्राप इस राजवंश का पीछा कर रहा है। बताया जाता है कि वाडियार राजाओ ने इस श्राप से मुक्ति के लिए कई प्रयास भी किए है। यहां तक की अलमेलम्मा की मुर्ति भी मैसूर में लागई गयी थी।

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About Komal Sharma

कोमल शर्मा अपने नाम की ही तरह स्वभाव से भी सरल हैं। उनकी टीम में उन्हें सॉफ्ट के नाम से जाना जाता है। कोमल ने पत्रकारिता का मास्टर कोर्स किया है। उन्होंने कई प्रतिष्ठित कंपनियों में अपनी सेवाएं दी हैं। अब इंडिया की न्यूज में आकर उन्हें संतोष महसूस होता है। कोमल को एक्शन—कॉमेडी और रोमांटिक मूवीज पसंद हैं। हैडफोन लगाकर गाना सुनना उनकी एक बड़ी कमजोरी है।

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